जीएसडीएस कार्यक्रम

Gandhi through the eyes of his followers : A Reflection

GSDS in association with Malviya Centre for Peace Research, Banaras Hindu University (BHU) organised an on-line reflection by Dr. Vedabhyas Kundu, Programme Officer GSDS when he spoke on two eminent stalwarts and Gandhian thinkers, Baba Amte and Natwar Thakkar. Titled, “Gandhi through the eyes of his followers”, the programme was organised on February 12, 2021. Dr. Vedabhyas Kundu reflected on the immense selfless contribution of these stalwarts for the emancipation of the people and the society.
Late Murlidhar Devidas Amte, commonly known as Baba Amte, was an Indian social worker and social activist known particularly for his work for the rehabilitation and empowerment of people suffering from leprosy.
Late Natwar Thakkar, popularly known as Natwar bhai, was an Indian social worker who worked in Nagaland. He came from Maharashtra but migrated to Nagaland for social work at the age of 23 at the peak of insurgency in Nagaland. He founded the Nagaland Gandhi Ashram at Chuchuyimlang village in the Mokokchung district of Nagaland.

आगंतुक

• छत्तीसगढ़ विधानसभा के माननीय अध्यक्ष डॉ.चरणदास महंत ने 29 अगस्त 2019 को गांधी स्मृति का दौरा किया और समिति निदेशक श्री दीपांकर श्री ज्ञान द्वारा उनका स्वागत किया गया। सम्मानित अतिथि ने गांधी स्मृति संग्रहालय का भी दौरा किया

• संयुक्त राष्ट्र की उपमहासचिव सुश्री अमीना जे. मोहम्मद ने 8 सितंबर, 2019 को शहीद स्तंभ पर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने निदेशक गाँधी स्मृति एवं दर्शन समिति, श्री दीपंकर श्री ज्ञान के नेतृत्व में गांधी स्मृति गैलरी का भी दौरा किया।

• दिल्ली पब्लिक स्कूल सेक्टर 45 गुरुग्राम के छात्रों ने 27 सितंबर, 2019 को गांधी स्मृति का दौरा किया।

• दिल्ली पब्लिक स्कूल फरीदाबाद ने 26 सितंबर, 2019 को गांधी दर्शन का दौरा किया।

• न्यू जर्सी के गवर्नर, श्री फिल मर्फी ने 15 सितंबर, 2019 को गांधी स्मृति का दौरा किया। उनके साथ 40 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल भी था, जिसमें प्रथम महिला श्रीमती टैमी मर्फी और अकादमिक व निजी क्षेत्र के वरिष्ठ गणमान्य व्यक्ति शामिल थे।
प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने जर्मन चांसलर डॉ. एंजेला मार्केल के साथ गांधी स्मृति का दौरा किया
1 नवंबर, 2019

भारत के माननीय प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 1 नवंबर, 2019 को जर्मन चांसलर डॉ. एंजेला मार्केल के साथ गांधी स्मृति का दौरा किया। प्रधानमंत्री ने प्रसिद्ध कलाकार पद्म भूषण श्री राम सुतार द्वारा बनाई गई महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने जर्मन चांसलर की अगवानी की।
इस स्थान के महत्व के बारे में बताते हुए, प्रधान मंत्री ने डॉ. मर्केल को सूचित किया कि गाँधी स्मृति उस स्थान पर स्थित है जहाँ महात्मा गांधी ने अपने जीवन के अंतिम कुछ महीने बिताए थे और 30 जनवरी,... Read More

गांधी : 150 के तहत महत्वपूर्ण पहल

गांधी : 150 के तहत महत्वपूर्ण पहल
कोलकाता

गाँधी स्मृति एवं दर्शन समिति द्वारा कोलकाता एयरपोर्ट पर गांधी गैलरी की स्थापना
पश्चिम बंगाल के माननीय राज्यपाल श्री केशरी नाथ त्रिपाठी ने 25 जुलाई, 2019 को नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, कोलकाता में महात्मा गांधी की 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित एक विशेष समारोह में गांधी गैलरी - महात्मा गांधी व्याख्या केंद्र का उद्घाटन किया। श्री शंकर कुमार सान्याल, सदस्य, कार्यकारी समिति जीएसडीएस और अध्यक्ष हरिजन सेवक संघ, श्री कौशिक भट्टाचार्य, निदेशक कोलकाता एयरपोर्ट, श्री दीपंकर श्री ज्ञान, निदेशक, गांधी स्मृति और दर्शन समिति, श्रीमती गीता शुक्ला, शोध अधिकारी और अन्य उद्घाटन समारोह में उपस्थित थे। भूमा इन्फोटेक के श्री मनीष भी इस अवसर पर उपस्थित थे।
उद्घाटन के बाद, माननीय राज्यपाल ने गांधी गैलरी में प्रदर्शनी का अवलोकन किया कियोस्क के माध्यम से महात्मा गांधी की जीवन यात्रा पर आधारित डिजिटल प्रदर्शनी भी उन्होंने देखी ।
उल्लेखनीय है कि महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर गाँधी स्मृति एवं दर्शन समिति द्वारा गांधी गैलरी - महात्मा गांधी व्याख्या केंद्र की स्थापना भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) के सहयोग से की गयी है । यह महात्मा के जीवन, विचारों, दर्शन और गतिविधियों पर आधारित एक स्थायी प्रदर्शनी गैलरी है।
यह गैलरी के कोलकाता हवाई अड्डे के आगमन लाउंज में स्थापित किया गया है, जहां महात्मा गांधी के पश्चिम बंगाल के साथ जुड़ाव को 24 पैनलों में प्रदर्शित किया गया है। स्थानीय नेताओं, स्वतंत्रता सेनानियों और अन्य लोगों के साथ उनकी तस्वीरों का प्रदर्शन किया गया है। इस प्रदर्शनी में गुरुदेव... Read More

महिलाओं के लिए कार्यक्रम

"लिंग संवेदीकरण और मासिक धर्म स्वास्थ्य” पर कार्यशाला
26 जुलाई 2019

इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल स्टडीज ट्रस्ट के सहयोग से समिति ने 26 जुलाई, 2019 को कल्याणपुरी पुलिस स्टेशन में "लिंग संवेदीकरण और मासिक धर्म स्वास्थ्य" पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया।
कार्यशाला का उद्देश्य “लिंग संवेदीकरण” और मासिक धर्म स्वास्थ्य व स्वच्छता के बारे में लोगों की सोच में बदलाव के लिए प्रोत्साहित करने के लिए लोगों का ध्यान आकर्षित करना था। कार्यशाला में किशोरियों, घरेलू कामगारों, गृहिणियों और स्थानीय समुदाय के अन्य लोगों ने हिस्सा लिया। सत्र की शुरुआत सुश्री आशा और सुश्री शोभा ने गाँधी स्मृति एवं दर्शन समिति के बारे में जानकारी देकर की।
वरिष्ठ संसाधन व्यक्ति सुश्री अमिता जोशी ने लैंगिक संवेदीकरण पर प्रतिभागियों से बात की। उन्होंने कहा कि लैंगिक संवेदीकरण, किशोरियों और महिलाओं को उनके व्यक्तिगत दृष्टिकोण और मान्यताओं की जांच करने में मदद करता है और उन्हें उन मुद्दों पर जागरूक करता है, जिनके बारे में उनको वास्तविकता पता नहीं होती। परिवर्तन जमीनी सत्र से आरम्भ होता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में कई परिवारों में लड़कों को पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित किया जाता है और कैरियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। लेकिन लडकियों को घर के कार्य सीखने के लिए प्रेरित किया जाता है। उन्होंने इसी विषय पर एक फिल्म क्लिप भी दिखाई।
कार्यशाला में गतिविधियों में भाग लेने वाली लड़कियों द्वारा लैंगिक समानता पर काम किया गया जहाँ उन्होंने दिखाया कि लड़कियाँ भी लड़कों के समान और महत्वपूर्ण हैं।
कार्यक्रम का दूसरा सत्र “गुड टच एंड बैड टच” और स्वास्थ्य और मासिक... Read More

बच्चों के लिए कार्यक्रम

वंचित बच्चों के लिए थियेटर वर्कशॉप
गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति और हेल्दी एजिंग इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में 1-6 अप्रैल, 2019 तक छह दिवसीय थिएटर कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसका संचालन सुश्री मधुमिता खान द्वारा किया गया।
इस कार्यशाला में, आदर्श प्राथमिक विद्यालय, नोएडा के वंचित बच्चों को थिएटर कला में प्रशिक्षित किया गया। बुनियादी अभिनय कौशल में प्रशिक्षण के साथ कई बौद्धिक और शारीरिक खेलों का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर बच्चों को चरित्र डिजाइनिंग, संवाद बनाने, आवाज मॉड्यूलेशन और भिन्नता, बॉडी लैंग्वेज और मंच का प्रशिक्षण दिया गया।
अंत में, छात्रों ने एक नुक्कड़ नाटक, बेटी बचाओ बेटी पढाओ ’का मंचन किया। यह एक लड़की के अपने धर्म, जाति या पंथ की अडचनों के बावजूद शिक्षित होने और समानता पर केंद्रित था। आदर्श प्राथमिक विद्यालय के छात्र लोगों में संदेश प्रसारित करने और समाज में एक बड़ा बदलाव लाने के लिए विभिन्न स्थानों और कार्यक्रमों में इस नाटक का प्रदर्शन करेंगे।
चित्तौड़गढ़, राजस्थान के आदिवासी बच्चों के साथ बातचीत
चित्तौड़गढ़, राजस्थान की भील जनजाति के 75 से अधिक प्रतिभागियों ने 1-2 मई, 2019 तक गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति में दो दिवसीय परिचर्चात्मक सत्र में भाग लिया। इस कार्यक्रम में भाग लेने वाले बच्चे समाज के वंचित वर्ग से सम्बन्धित थे ये बच्चे प्रतिरोध की पहल पर उत्कर्ष अधारशिला बालिका विद्या प्रांगण का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
“उत्कर्ष आदर्श बालिका विद्या प्रांगण” (यूएबीवीपी) जो कि उनका घर बन गया है, में उनकी शिक्षा पर प्राथमिक ध्यान देने के साथ विभिन्न कौशल-प्रशिक्षणों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। बच्चे यहाँ अत्यधिक विपरीत... Read More

तिहाड़ में

सेंट्रल जेल नं 16, मंडोली जेल
लिंग संवेदीकरण और मासिक धर्म स्वास्थ्य पर कार्यशाला
6 सितंबर, 2019
समिति ने सेंट्रल जेल नंबर 16, मंडोली जेल में 6 सितंबर, 2019 को "लिंग संवेदीकरण और मासिक धर्म स्वास्थ्य" पर एक कार्यशाला का आयोजन किया। इस कार्यशाला का उद्देश्य महिला कैदियों को लिंग संवेदनशीलता और मासिक धर्म स्वास्थ्य और स्वच्छता व प्राकृतिक चिकित्सा के बारे में उनकी सोच में बदलाव लाना था। सत्र का प्रारम्भ श्रीमती आशा द्वारा प्रतिभागियों को गांधी स्मृति और दर्शन समिति के बारे में परिचय के साथ हुआ। समिति के संग्रहालय के बारे में श्रीमती शोभा द्वारा दी गई थी।
डॉ मंजू अग्रवाल ने लिंग संवेदीकरण के बारे में बोलते हुए कहा कि लिंग संवेदीकरण किशोर लड़कियों और महिलाओं को उनके व्यक्तिगत व्यवहारों और मान्यताओं की जांच करने में मदद करता है। उन्होंने मासिक धर्म के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता के बारे में भी बताया। उन्होंने कैदियों को खुद को साफ-सुथरा रखने के लिए प्रोत्साहित किया व खुले में शौच के खतरों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने आगे हस्तमुद्रा विज्ञान के माध्यम से हाथ की स्वच्छता पर डेमो दिया।
इस अवसर पर कैदियों द्वारा विभिन्न गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया जैसे कि एक कैदी ने एक प्रेरक कविता का पाठ किया था और दूसरे कैदी ने एक प्रेरक गीत गाया।
समूह विभाजन और समूह अभ्यास का संचालन श्रीमती आशा और शोभा ने किया। कुल 64 प्रतिभागियों को पांच समूहों में विभाजित किया गया था। इन समूहों ने चित्र बनाए और चार्ट पेपर पर स्लोगन लिखे।
जेल अधीक्षक सुश्री नीता नेगी ने प्रतिभागी कैदियों से कार्यक्रम के बारे में प्रतिक्रिया ली। कार्यक्रम का समापन प्रतिभागियों को प्रमाण... Read More

महात्मा गाँधी को श्रद्धांजलि

महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती और अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस का आयोजन
2 अक्टूबर 2019

भारत के माननीय राष्ट्रपति, श्री राम नाथ कोविंद के नेतृत्व में ने 2 अक्टूबर, महात्मा गाँधी की 150वीं जयंती पर कृतज्ञ राष्ट्र ने 2 अक्टूबर 2019 को महामहिम राष्ट्रपति श्री रामनाथ कोविंद के नेतृत्व में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। गाँधी स्मृति में आयोजित इस कार्यक्रम को अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस के रूप में मनाया। दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र मध्य प्रदेश और जालंधर के 38 संस्थानों से आये लगभग 1000 बच्चों ने कार्यक्रम में भाग लिया और राष्ट्रपिता को संगीतमय श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने संयुक्त राष्ट्र के 193 सदस्य देशों के झंडे लहराए जिसमें भारतीय तिरंगा भी शामिल था।
इस अवसर पर माननीय संस्कृति मंत्री और समिति के उपाध्यक्ष श्री प्रहलाद सिंह पटेल संस्कृति मंत्रालय के सचिव श्री अरुण गोयल संयुक्त सचिव श्री एससी बर्मा समिति की कार्यकारिणी सदस्य श्री शंकर कुमार सान्याल श्री लक्ष्मी दास समिति के पूर्व सलाहकार श्री बसंत और विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोग उपस्थित थे।
इस अवसर पर आयोजित सर्व धर्म प्रार्थना सभा में विभिन्न धर्मों के धार्मिक नेताओं ने भाग लिया। संयुक्त राष्ट्र सूचना केंद्र के भारत और भूटान प्रभारी श्री राजीव चंद्रन ने इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र महासचिव श्री एंटोनियो गुतरस के संदेश को पढ़ा।
शास्त्रीय कलाकार पद्म श्री पंडित अजय चक्रवर्ती ने इस अवसर पर गांधी जी रवींद्रनाथ टैगोर आचार्य विनोबा भावे के पदों का गायन किया और भक्ति संगीत का प्रस्तुतिकरण किया।
संगीत मार्तण्ड पंडित जसराज द्वारा महात्मा गाँधी के शहीदी... Read More

सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रम: दूतावासों के साथ

गांधी की 50वीं जयंती के अवसर पर
सांस्कृतिक विनिमय कार्यक्रम : दूतावासों के साथ
महात्मा गांधी की राह में
शांति और अहिंसा की ओर भारत-बोलीविया
महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर समिति ने महात्मा गांधी के संदेश को प्रचारित करने के लिए देश के भीतर और विश्व स्तर पर समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचने के लिए एक पहल "महात्मा गांधी की राह में" शुरू की है।
इस संदर्भ में, 13 नवंबर, 2019 को गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति द्वारा भारत में बोलीविया के दूतावास के सहयोग से “शांति के लिए संगीत” सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। गाँधी स्मृति में हुए इस कार्यक्रम मंस डॉ जुआन कॉर्टाज़ रोज़ास, भारत में बोलीविया के राजदूत, श्री लक्ष्मी दास, समिति के कार्यसमिति सदस्य, श्री दीपंकर श्री ज्ञान, निदेशक, श्री रिकार्डो कैला, स्वदेशी पीपुल्स मामलों के पूर्व मंत्री (बोलिविया), और मैडम वेनी कर्डेनस अपने ओर्केस्ट्रा के साथ मौजूद थे। कार्यक्रम में गौर इंटरनेशनल स्कूल और ब्लू बेल्स स्कूल, गुरुग्राम के बच्चों ने हिस्सा लिया।
इस कार्यक्रम का मुख्य एजेंडा समकालीन दुनिया में महात्मा गांधी के दर्शन की प्रासंगिकता विशेष रूप से अंतर्राष्ट्रीय क्षेत्र में, कार्यक्रम का मुख्य एजेंडा था।
मैडम जेनी द्वारा गाए गीतों में शांति का संदेश निहित था, जिन्होंने बोलीविया और पैराग्वे के बीच चाको युद्ध में अपने पिता और दादा को खोने के अपने अनुभव को साझा किया था। उन्होंने आधुनिक समय में गैर-हिंसा पर भी अपने विचार व्यक्त किये।
बोलीविया के पूर्व मंत्री, श्री रिकार्डो ने जलवायु परिवर्तन में अहिंसा के गांधीवादी आंदोलन का उल्लेख किया और आर्थिक विकास के प्रतीक "करघा" के महत्व का... Read More

संगोष्ठी / संवाद /परिचर्चा

सूचना समाज में पुस्तकालयों के बदलते कार्य पर संगोष्ठी
18 मई, 2019

महात्मा गांधी की 150 वीं जयंती के अवसर पर दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी (डीपीएल) द्वारा 18 मई, 2019 को राजघाट स्थित गांधी दर्शन में "सूचना समाज में पुस्तकालयों के बदलते कार्य" पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में 150 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया जिसमें डीपीएल के तहत विभिन्न संस्थानों / पुस्तकालयों के पुस्त्काल्याध्य्क्ष शामिल थे। संगोष्ठी का अन्य उप-विषय "गांधी और शांति: पुस्तकालयाध्यक्षों के लिए प्रासंगिकता" था।

उद्घाटन सत्र में डॉ. राम शरण गौड़, अध्यक्ष दिल्ली पब्लिक लाइब्रेरी, श्री राजेश कुमार सिंह, निदेशक पुस्तकालय, संस्कृति मंत्रालय, डॉ. एच के कौल, निदेशक डेलनेट, डॉ. नबी हसन, पुस्त्काल्याध्य्क्ष आईआईटी दिल्ली, श्री प्रेम पाल शर्मा (सेवानिवृत्त आईएएस) पूर्व संयुक्त सचिव रेलवे बोर्ड और श्री दीपंकर श्री ज्ञान निदेशक गाँधी स्मृति एवं दर्शन समिति ने अपने विचार व्यक्त किये।
इस अवसर पर बोलते हुए, श्री दीपंकर श्री ज्ञान ने महात्मा गांधी पर अच्छी पुस्तकों की कमी पर चिंता व्यक्त की। "गांधी पर लेखक हैं, लेकिन अच्छे लेखकों की कमी है" उन्होंने पाठ्य पुस्तकों की ऑनलाइन उपलब्धता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा, “ महात्मा गांधी के बारे में प्रचुर मात्रा में जानकारी उपलब्ध है, लेकिन कई जानकारी तथ्यात्मक त्रुटियों के साथ गलत है।"
डॉ. एच. के. कौल ने अपने संबोधन में महात्मा गांधी के दर्शन पर एक ज्ञान केंद्र विकसित करने का आह्वान किया और कहा कि यह केंद्र महात्मा गांधी पर सभी प्रकार की जानकारी प्रदान करेगा और उन्हें एकत्र करेगा और उम्मीद जताई कि एक दिन यह एक पौधे से बड़े वृक्ष तक विकसित... Read More

पूर्वोत्तर में कार्यक्रम

असम
गांधी समर स्कूल का आयोजन
27-31 मई, 2019

गाँधी स्मृति एवं दर्शन समिति द्वारा राज्य बाल भवन, समाज कल्याण विभाग, असम सरकार के सहयोग से 27-31 मई, 2019 तक असम के उजानबाजार स्थित राजकीय बाल भवन में पांच दिवसीय गांधी समर स्कूल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में लगभग 82 बच्चों ने भाग लिया। इस अवसर पर विभिन्न गतिविधियाँ जैसे: संचार अभ्यास के रूप में कॉमिक्स, माइम, स्टोरी टेलिंग, कठपुतली और न्यूज़लैटर पर कार्यशाला विभिन्न संसाधन व्यक्तियों के माध्यम से छात्रों के लिए आयोजित की गई थी। माइम के लिए संसाधन व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय माइम कलाकार श्री मैनुल हक थे। सुश्री देवरशी गोस्वामी ने छात्रों को माइम में प्रशिक्षित किया। जबकि श्री एन दास ने स्टोरी टेलिंग पर सत्र लिया, कठपुतली प्रशिक्षण कार्यक्रम सुश्री अर्चना तालुकदार द्वारा आयोजित किया गया था। सुश्री इलोरा गोस्वामी ने समाचार पत्र लेखन पर प्रशिक्षण का संचालन किया।

छात्रों ने इस मौके पर सरनिया हिल्स स्थित गांधी आश्रम और कस्तूरबा गांधी राष्ट्रीय मेमोरियल ट्रस्ट असम शाखा में बापू कुटीर का भी दौरा किया, जहां ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने महात्मा गांधी के जीवन संदेश पर उनसे बात की।
31 मई, 2019 को पांच दिवसीय ग्रीष्मकालीन स्कूल के समापन समारोह में प्रतिभागी बच्चों द्वारा असम की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का ज्वलंत प्रदर्शन किया गया। गुवाहाटी विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. मृदुल हजारिका इस अवसर पर मुख्य अतिथि थी। प्रख्यात कलाकार, श्री रमेश बैरवा इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि थे। सुश्री कुसुम बोरा, सामाजिक कार्यकर्ता और श्री जयदेव दास भी उपस्थित थे। निदेशक समाज कल्याण विभाग असम सुश्री जूरी फूकन ने... Read More

विविध कार्यक्रम

स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
13 और 22 अप्रैल, 2019

अपने विस्तार कार्यक्रमों के तहत गाँधी स्मृति एवं दर्शन समिति ने हेल्दी एजिंग इंडिया और अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के सहयोग से नई दिल्ली की मलिन बस्तियों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन शुरू किया है। इन शिविरों का संचालन एम्स के जराचिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. प्रसून चटर्जी के सहयोग से एम्स के डॉक्टरों ने किया।
पहला शिविर 13 अप्रैल, 2019 को समिति के कर्मचारियों और परिवार के सदस्यों के लिए आयोजित किया गया था। शिविर में लगभग 150 व्यक्तियों ने हिस्सा लिया। समिति निदेशक, श्री दीपंकर श्री ज्ञान भी इस अवसर पर उपस्थित थे। समिति के श्री विवेक राठौर ने शिविर का समन्वय किया।
दूसरा शिविर बेला गाँव की झुग्गी बस्ती के लिए आयोजित किया गया था। एम्स के डॉक्टरों ने श्री विवेक द्वारा समन्वित इस शिविर का संचालन किया। शिविर के दौरान बेला गाँव की झुग्गी बस्ती के लगभग 750 लोगों ने अपने स्वस्थ्य की जांच करवाई । शिविर के दौरान स्वास्थ्य, मासिक धर्म, स्वच्छता आदि से संबंधित मुद्दों पर भी लोगों को जागरूक किया गया।
बुराड़ी में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
26 मई 2019

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के डॉक्टरों के साथ मिलकर गाँधी स्मृति एवं दर्शन समिति और हेल्दी एजिंग इंडिया ने 26 मई, 2019 को बुराड़ी में ‘स्वास्थ्य शिविर ’का आयोजन किया। शिविर का समन्वय श्री विवेक ने श्री शकील के साथ किया। महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर स्वास्थ्य शिविरों की श्रृंखला का आयोजन अलग-अलग मलिन बस्तियों में किया जा रहा है, जिसमें समावेश और स्वस्थ जीवन के गांधीजी के दर्शन को शामिल किया गया है। एम्स के डॉक्टरों ने नि: शुल्क... Read More

उन्मुखीकरण

अहिंसक संचार के माध्यम से न्यायपालिका में मध्यस्थता की शक्ति का अनुकरण
27 अप्रैल, 2019

समिति द्वारा 27 अप्रैल, 2019 को जिला और सत्र न्यायालय, साकेत, नई दिल्ली के परिसर में "अहिंसक संचार" पर एक सत्र आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में न्यायमूर्ति आशा मेनन, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, दक्षिण, जस्टिस गिरीश कटपालिया, जिला और सत्र न्यायाधीश, दक्षिण पूर्व, गाँधी स्मृति एवं दर्शन समिति के निदेशक श्री दीपंकर श्री ज्ञान और कार्यक्रम अधिकारी श्री वेदाभ्यास कुंडू उपस्थित थे। अतिरिक्त जिला न्यायाधीश न्यायमूर्ति विनीता गोयल ने कार्यक्रम का समन्वय किया और मेहमानों का स्वागत किया।
इस अवसर पर बोलते हुए न्यायमूर्ति आशा मेनन ने कार्यक्रम के विषय पर चर्चा की। उन्होंने एक वकील के रूप में गांधी विचारों के बारे में अपने दृष्टिकोण पर बात की। मार्शल रोसेनबर्ग का हवाला देते हुए, उन्होंने बताया कि सहानुभूति बेहतर मानवीय संबंधों के लिए सबसे मूलभूत भावना है। उन्होंने न्यायिक प्रणालियों में मध्यस्थता के आवश्यक उपकरण के रूप में अहिंसक संचार पर भी प्रकाश डाला।
इस अवसर पर डॉ. वेदाभ्यास कुंडू द्वारा लिखे गए अहिंसक संचार पर आधारित मॉड्यूल का शुभारम्भ भी किया गया।
"गैर-हिंसात्मक संचार का परिचय" विषय पर आयोजित सत्र में डॉ. वेदाभ्यास कुंडू ने बताया कि स्वस्थ भोजन खाने और स्वच्छ हवा के लिए संचार कितना महत्वपूर्ण है। उन्होंने जोर देकर कहा, सकारात्मक और प्यार भरा संचार हमें पोषण देता है, हमें स्वस्थ बनाता है, हमारी भलाई और खुशी को बढ़ावा देता है। जबकि, नकारात्मक और हिंसक संचार हमें तनावपूर्ण और दुखी बनाता है और यह हमारे स्वास्थ्य पर भारी पड़ता है, यह संघर्ष को बढ़ावा देता है,... Read More

कौशल भारत

ऑटो चालक से सद्भावना राजदूत: अद्भ ुत परिवर्तन की गाथा

सौ साल पहले, गांधीजी दिल्ली से चम्पारण गए थे, जहां भारत को ‘स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम शक्तिशाली हथियार के रूप में सत्याग्रह’ प्राप्त हुआ। आजादी के बाद हजारों लोग रोजगार की तलाश में चम्पारण से दिल्ली आए।

इसलिए, चम्पारण सत्याग्रह के शताब्दी वर्ष में गांधीजी को ‘‘कार्याजली’’ स्वरूप गांधी स्मृति एवं दर्शन समिति ने दिल्ली और एनसीआर में कार्यरत चम्पारण आॅटो चालकों के जीवन में समग्र परिवर्तन लाने का निर्णय लिया। इसके तहत उन्हें क्षमता निर्माण के गुर सिखाए जा रहे हैं, जिससे उनका जीवन स्तर तो सुधरेगा ही, साथ ही राष्ट्रीय राजधानी में सैलानियों को भी यात्रा का अच्छा अनुभव मिलेगा। दिलचस्प तथ्य यह है कि दिल्ली एनसीआर में चम्पारण निवासी आॅटो चालकों की खासी तादाद है, इसलिए समिति ने चम्पारण के आॅटो चालकों की आजीविका और व्यवसाय के स्तर का एक सर्वेक्षण करवाया। उसके परिणामों के आधार पर समिति ने कौशल विकास मंत्रालय के प्रधानमंत्री कौशल विकास कार्यक्रम के तहत चालकों के पूर्व कौशल को मान्यता देना आरंभ किया।

इसके अतिरिक्त बिस्वजीत सिंह के नेत्रत्व में और विश्वास गौतम, पूजा सिंह, चन्दन गुप्ता, आशीष मिश्रा और मौसमी कुमारी के सहयोग से समिति की कौशल विकास टीम ने जीवन कौशल प्रशिक्षण की परिकल्पना का सृजन किया और उन्हें लागू करवाया। जो पूर्व कौशल मान्यता कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण है। यह आॅटो चालकों के व्यवसाय संबंधी कार्यों का ही प्रबंधन नहीं करता, अपितु उनके उज्जवल भविष्य हेतु वित्तीय, साख, परिवार, स्वास्थ्य और सुरक्षा का भी प्रबंधन करता है।
परिवहन मंत्रालय द्वारा निजी और व्यवसायिक वाहनों के लाइसेंस के अंतर को खत्म... Read More

बच्चों के नजरिए से गांधी को समझना-इतिहास के साथ परिचर्चात्मक सत्र

समिति की ओर से इतिहास (भारतीय परंपरा विरासत समाज) के विद्यार्थियों के लिए गांधी दर्शन परिसर में 23 मई, 2018 को एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। ये विद्यार्थी अपने समर प्रोजेक्ट के तहत गांधीजी के संदेशों और उनके जीवन को समझने आए थे।

इतिहास की संस्थापक निदेशक स्मिता वत्स के नेत्रत्व में विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय गांधी संग्रहालय में इटर्नशिप कार्यक्रम में भाग लिया। उन्होंने अनुभूति की कि गांधी दर्शन संग्रहालय का अवलोकन कर, उन्होंने गांधीजी की मोहन से महात्मा बनने की यात्रा का अनुभव किया है।

इस अवसर पर प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए समिति निदेशक श्री दीपंकर श्री ज्ञान ने गांधीजी की अनेक विशेषताओं की चर्चा की। उन्होंने गांधीजी के जीवन के उदाहरणों का जिक्र करते हुए विद्यार्थियों को ईमानदारी और साहस को अपने जीवन में भरने का आहवान किया। निदेशक ने प्रतिभागियों के लिए पूजनीय दलाई लामा द्वारा विकसित खेल ‘‘स्वयं को जानो’’ का संचालन भी किया, जिसे विद्यार्थियों ने काफी आनंदित किया।

समिति के कार्यक्रम कार्यकारी श्री राजदीप पाठक ने समिति की गतिविधियों की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों को स्कूलों में मोनिया क्लब स्थापित करने चाहिए। यह क्लब बच्चों की रचनात्मक गतिविधियों का एक अच्छा केन्द्र बन सकता है।

इससे पूर्व विद्यार्थियों ने गांधी दर्शन परिसर का अवलोकन किया और गांधीजी के बारे में जाना। परिचर्चा का समापन धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।

धनक, रंग तरंग ग्रीष्मकालीन कार्यशाला का आयोजन

गांधी स्मृति और दर्शन समिति और जमघट (गली के बच्चों का एक समूह) के संयुक्त तत्वावधान में गांधी दर्शन में धनक रंग तरंग कार्यशाला का आयोजन 11 से 30 जून 2018 को किया गया। इसमें राजधानी के विभिन्न क्षेत्रों से आए 21 बच्चों ने भाग लिया। कार्यशाला में सुश्री नेहा गर्ग, सुश्री सुनिता भट्ट, सुश्री अनिता महतो सेवा प्रदाता थीं।

इस कार्यशाला का उद्देश्य लोकतंत्र के मूल्यों, शांति, करूणा, अहिंसा, टीम निर्माण और शिक्षा को बढ़ाना देना था। इसमें बच्चों की छुपी प्रतिभा को उभारने के लिए अनेक गतिविधियां संचालित की गई, उन्हें वास्तविक जीवन में आने वाली समस्या से जोड़ने के लिए खेल करवाए गए और सलाह देने के लिए प्रेरित किया गया, उनके क्रोध को बिना किसी विध्वंस के सकारात्मक दिशा की ओर मोडा गया।

कार्यक्रम में गांधीजी के मूल्यों यथा, सत्य, अहिंसा, सहयोग, एकता और स्वशासन पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को राजघाट स्थित गांधी समाधि, गांधी दर्शन संग्रहालय और गांधी स्मृति का दौरा करवाया गया और उन्हें गांधीजी के जीवन की जानकारी दी गई। समूह गान, पत्थर चित्रकला, स्केचिंग, क्ले माॅडलिंग भी इस मौके पर करवाई गई। बच्चों ने गांधी दर्शन स्थित प्रदर्शनी ‘मेरा जीवन ही मेरा संदेश है’ के दौरे के दौरान श्रमदान अभियान भी चलाया और समिति के बगीचा क्षेत्र की सफाई की। इस कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों में गांधीजी के आचार-विचारों को आत्मसात करवाना और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें लागू करना था-उदाहरण के लिए जब वे किसी वाद-विवाद और झगड़े के चक्कर में पड़ते हैं, अपनी संपत्ति को दूसरों के साथ बांटते हैं, व्यक्तिगत टिप्पणी से बचते हैं, अपने दोस्तों के बीच के विवादों या अपने विवादों को दूर करते हैं।

‘‘ हम बच्चों... Read More

ग्रीष्मकालीन स्कूल 'भारत के मेरे सपनों' पर आयोजित किया गया

दिल्ली विश्वविद्यालय स्थित गांधी भवन और गांधी स्मृ ति और दर्शन समिति के तत्वावधान में 19 जुलाई 2018 को समर स्कूल का सफलापूर्वक समापन हुआ। इसका विषय मोहनदास कर्मचंद गांधी की पुस्तक ‘मेरे सपनों का भारत’ पर आधारित था। इस समर स्कूल का शुभारंभ 9 जुलाई, 2018 को हुआ था।

कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर 9 जुलाई को गांधी भवन, दिल्ली विश्वविद्यालय के निदेशक प्रो. रमेश भारद्वाज ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गांधीवादी विचारक डाॅ. बजरंग गुप्ता थे, अध्यक्षता ओपन लर्निग स्कूल, दिल्ली विश्वविद्यालय के कार्यकारी निदेशक प्रो. एच.सी. पोखरियाल ने की।

इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के संसाधन व्यक्तियों को ‘मेरे सपनों का भारत’ के संदर्भ में व्याख्यान/परिचर्चा/वार्ता के लिए बुलाया गया। इस मौके पर निम्नलिखित विषयों पर चर्चा की गई-

  1. आर्थिक विचार, शिक्षा और संस्कृति
  2. स्वदेशी, ग्राम स्वराज, महिलाएं
  3. पुनर्निर्माण, युवा और समाज
  4. राष्ट्रवाद और समाजवाद
  5. स्वच्छाग्रह और सामाजिक न्याय

इस अवसर पर डाॅ. अतुल कोठारी, शिक्षाविद, डाॅ. प्रमोद कुमार पत्रकार, डाॅ. अश्विनी महाजन, श्री रामचन्द्र राही अध्यक्ष गांधी स्मारक निधि राजघाट, नई दिल्ली, डाॅ. मोहन चन्द्र पत्रकार, डाॅ. बिन्देश्वर पाठक संस्थापक, सुलभ इंटरनेशनल सामाजिक सेवा संस्थान, श्री कुमार प्रशान्त, अध्यक्ष गांधी शांति संस्थान नई दिल्ली, डाॅ. रविंदर अग्रवाल पत्रकार और डाॅ. पवन सिन्हा, मोतीलाल नेहरू काॅलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय बतौर वक्ता उपस्थित थे।

दिनांक 19 जुलाई, 2018 को आयोजित समापन समारोह की अध्यक्षता प्रो. डी.के. सिंह, डीन भर्ती प्रक्रिया और पदोन्नति... Read More